Sunday, 04 Oct 2026

सऊदी अरब में अब ऊंटों का भी बनेगा पासपोर्ट!

रियाद (09 फरवरी 26)। सऊदी अरब ने एक अनोखी और चौंकाने वाली पहल की है। अब इस देश में ऊंटों के लिए आधिकारिक पासपोर्ट जारी किया जाएगा। आमतौर पर जब हम पासपोर्ट की बात सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में इंसानों की यात्रा और पहचान पत्र की तस्वीर आती है। लेकिन सऊदी अरब ने इसे अपने सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व वाले ऊंटों के लिए लागू किया है।

ऊंट सऊदी अरब में सिर्फ जानवर नहीं हैं, बल्कि यह देश की संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। ऊंटों का पालन, व्यापार और प्रतियोगिताएं यहां लंबे समय से होती रही हैं। कुछ ऊंट प्रतियोगिताओं में लाखों या करोड़ों रुपये में बिकते हैं। इस कारण से सरकार ने फैसला किया कि हर ऊंट की पहचान, मालिकाना हक और स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए पासपोर्ट अनिवार्य है। इस नई पहल की घोषणा पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय के उप-मंत्री मनसूर अलमुशैती ने की। उन्होंने बताया कि देश में अब कैमल पासपोर्ट सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस पासपोर्ट के जरिए हर ऊंट की पूरी जानकारी एक जगह दर्ज होगी, जिससे उसकी देखभाल और व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

ऊंट के पासपोर्ट में कई जानकारी शामिल होगी। इसमें ऊंट का नाम, जन्म तिथि, नस्ल, रंग और लिंग, जन्म स्थान, मालिक की जानकारी, पासपोर्ट नंबर, जारी करने वाली संस्था और ऊंट की दाएं-बाएं की तस्वीरें होंगी। इसके अलावा, माइक्रोचिप नंबर और टीकाकरण रिकॉर्ड भी दर्ज होगा, जिसमें सभी टीकों की जानकारी, पशु चिकित्सक का नाम, हस्ताक्षर और मुहर शामिल होगी। इससे किसी भी बीमारी या आपातकाल में तुरंत कार्रवाई करना आसान होगा। पासपोर्ट का रंग हरा है और इसमें सऊदी अरब का राष्ट्रीय प्रतीक तथा सुनहरे रंग का ऊंट दिखाई देता है। सरकार का अनुमान है कि 2024 तक लगभग 22 लाख ऊंटों को इस पासपोर्ट प्रणाली से जोड़ा जाएगा। सऊदी अरब की यह पहल विजन 2030 योजना के तहत की गई है, जिसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाना और पारंपरिक क्षेत्रों को तकनीक से जोड़ना है। ऊंटों का पासपोर्ट प्रणाली इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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