नईदिल्ली (04 सितंबर 24)। पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पिछले महीने एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ घिनौना अपराध हुआ, जिसमें पहले उसके साथ बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे देश में गहरा आक्रोश पैदा किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी है और सुरक्षा को लेकर आदेश दिए थे कि CISF जवानों को अस्पताल की सुरक्षा में तैनात किया जाए।
हालांकि, इस आदेश के बाद से CISF जवानों की तैनाती अस्पताल में कर दी गई, लेकिन प्रशासन ने जवानों के लिए उचित आवास की व्यवस्था नहीं की है। विशेषकर महिला जवानों को इससे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब केंद्र सरकार ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ एक नई याचिका दायर की है। याचिका में केंद्र ने मांग की है कि पश्चिम बंगाल सरकार को CISF को अस्पताल की सुरक्षा में सहयोग देने का निर्देश दिया जाए, या फिर अदालत के आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए।
केंद्र सरकार ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सरकार कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है और CISF को उचित सहयोग नहीं दे रही है, जो कि एक गंभीर मुद्दा है। केंद्र ने कहा है कि यह अवहेलना न केवल अदालत के आदेशों की अनदेखी है, बल्कि संवैधानिक और नैतिक सिद्धांतों के भी विरुद्ध है। इस मामले में केंद्र ने कोर्ट से मांग की है कि वह पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दें या फिर अदालत के आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करें।