Tuesday, 29 Sep 2026

NCB ने किया देश के सबसे बड़े ड्रग गिरोह का पर्दाफाश

नईदिल्ली (01 जुलाई 25)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए देश में डार्कनेट के जरिए ड्रग्स बेचने वाले सबसे बड़े गिरोह ‘Ketamelon’ का भंडाफोड़ किया है। इस पूरे अभियान को 'ऑपरेशन मेलॉन' नाम दिया गया था। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी भी बरामद की गई है। NCB की कोच्चि यूनिट ने सतत निगरानी और गहन जांच के बाद 28 जून को तीन पार्सलों को पकड़ा, जिनसे कुल 280 एलएसडी ब्लॉट्स बरामद हुए। इसके अगले ही दिन, यानी 29 जून को, एजेंसी ने मुख्य आरोपी के घर पर छापेमारी की, जिसमें और 847 एलएसडी ब्लॉट्स के साथ-साथ 132 ग्राम केटामाइन भी जब्त किया गया। छापे के दौरान एक पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, कई डिजिटल वॉलेट और एक हार्डवेयर क्रिप्टो वॉलेट भी बरामद किया गया, जिसमें लगभग 70 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी (USDT) पाई गई। इसके अलावा Binance जैसे प्लेटफॉर्म पर भी आरोपी के कई वॉलेट मिले हैं, जिनकी जांच फिलहाल जारी है।

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी बीते दो वर्षों से भारत में डार्कनेट के जरिए सबसे ऊंचे स्तर (लेवल-4) पर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। यह गिरोह विदेशों से ड्रग्स मंगाकर देश के विभिन्न बड़े शहरों जैसे बेंगलुरु, चेन्नई, भोपाल, पटना, दिल्ली और हिमाचल व उत्तराखंड के इलाकों में भेजता था। जानकारी के अनुसार, पिछले 14 महीनों में आरोपी ने लगभग 600 पार्सल देशभर में भेजे थे। जब्त किए गए ड्रग्स की कुल कीमत बाज़ार में करीब 35 लाख रुपये आंकी गई है। जिस मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही थी, उसमें LSD प्रमुख है, जिसे आमतौर पर “एसिड”, “ब्लॉट्स” या “स्टैम्प्स” के नाम से जाना जाता है। यह एक साइकोएक्टिव हॉल्यूसिनोजेनिक ड्रग है, जो उपयोग करने वाले व्यक्ति की सोच और इंद्रियों को प्रभावित करता है, जिससे उसे आवाजें और दृश्य असामान्य रूप में अनुभव होते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2023 में एनसीबी ने 'Zambada' नाम के एक बड़े गिरोह का भी भंडाफोड़ किया था, जिसमें 29,000 से अधिक LSD ब्लॉट्स और करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की गई थी।

एनसीबी ने इस कार्रवाई को भारत को नशामुक्त बनाने के अपने अभियान का अहम हिस्सा बताया है। ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी नशे से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो तुरंत राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर संपर्क करें। एनसीबी ने यह भी आश्वासन दिया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। फिलहाल आरोपी और उसके एक सहयोगी को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

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