कोलंबो (12 मार्च 26)। मिडिल ईस्ट युद्ध के असर अब हिंद महासागर तक दिखाई देने लगे हैं। इसी बीच श्रीलंका की एक अदालत ने अमेरिकी हमले में मारे गए 84 ईरानी नाविकों के शव Iran के दूतावास को सौंपने का आदेश दिया है। गॉल के मुख्य मजिस्ट्रेट समीरा डोडांगोडा ने गॉल हॉस्पिटल के निदेशक को निर्देश दिया कि अस्पताल में रखे शवों को ईरान के दूतावास को सौंप दिया जाए। यह आदेश पुलिस के अनुरोध पर जारी किया गया।
पिछले सप्ताह श्रीलंका सरकार ने बताया था कि IRIS Dena frigate नामक ईरानी युद्धपोत परयूएस की पनडुब्बी द्वारा हमला किया गया था, जिससे जहाज गॉल के तट के पास डूब गया। इस घटना में जहाज पर सवार 84 नाविकों की मौत हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक यह युद्धपोत विशाखापट्टनम (भारत) से लौट रहा था, जहां उसने एक नौसैनिक बेड़े की समीक्षा कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। घटना के बाद 32 जीवित बचे नाविकों को बचाकर गॉल के अस्पताल लाया गया था। बाद में उन्हें छुट्टी देकर श्रीलंका एयर फ़ोर्स के एयर बेस में रखा गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें बाद में वेलिसारा स्थित नौसैनिक केंद्र में ले जाया जाएगा। इसी दौरान एक अन्य ईरानी जहाज IRIS Bushehr इंजन खराब होने के कारण कोलंबो बंदरगाह के बाहर लंगर डाले हुए है। अधिकारियों के अनुसार इस जहाज को बाद में त्रिंकोमाली बंदरगाह की ओर ले जाया जा सकता है।