भोपाल (23 अगस्त 24)। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने गुरूवार को गैस राहत संचालनालय के सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक ली। डॉ. शाह ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान की प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि पीएम जन-मन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल स्थान पर है। पीएम जन-मन में मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातीय बहुल 24 जिलों में चल रहें विभिन्न श्रेणी के विकास कार्य में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। अब तक करीब 80 प्रतिशत मंजूर कार्य पूरे हो चुके है। जनजातीय कार्य मंत्री ने पीएम जन-मन की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के पढ़े-लिखे युवाओं को शासन के नियमानुसार शासकीय सेवाओं में सीधी भर्ती के लिये अभियान चलायें। इन जनजातियों की बहुलता वाले हर जिले में पांच-पांच गांव आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किये जायें। इन गांवों में हर जरूरी विकास कार्य करायें जायें। बच्चों को विशेष पोषण आहार एवं देखभाल के लिये इन गांवों में मॉडल आंगनवाड़ियाँ भी तैयार की जायें।
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि पीएम जन मन के तहत मंजूर सभी प्रकार के विकास, कौशल उन्नयन एवं अधोसंरचात्मक निर्माण कार्य 31 अक्टूबर तक पूरे करने का प्रयास करें। इस योजना में सरकार 'गांव-गांव तक सड़क' बनाकर 'सबको पक्का घर' एवं 'हर-घर बिजली' पहुँचाने के लिये प्रयास कर रही है। पीएम जन-मन के तहत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति की 11 लाख 42 हजार 719 आबादी के समग्र विकास के लिये केन्द्र एवं राज्य सरकार मिलकर प्रयास कर रही है। इनके गांवों में हितग्राहीमूलक एवं सामुदायिक विकास कार्य कराये जा रहे हैं। योजना की प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा रेगुलर मॉनिटरिंग की जा रही है। इन जनजातियों के स्वास्थ्य उपचार एवं जांच के लिये प्रदेश में 66 मोबाईल हेल्थ वेन शीघ्र ही कार्यशील हो जायेंगी। बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग डॉ. ई. रमेश कुमार, उप सचिव मीनाक्षी सिंह, जनजातीय क्षेत्र विकास योजना (टीएडीपी) की डायरेक्टर रीता सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।