नईदिल्ली (23 अगस्त 24)। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने प्रस्तावित कानून के कई प्रावधानों पर विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों के बीच बृहस्पतिवार को पहली मैराथन बैठक की। बैठक के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से एक प्रस्तुति दी गई। बैठक के दौरान कई बार तीखी बहस हुई लेकिन विभिन्न दलों के सदस्यों ने कई घंटे तक बैठकर विधेयक के प्रावधानों पर अपने विचार दर्ज कराए, सुझाव दिए और स्पष्टीकरण मांगा।
तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के असदुद्दीन ओवैसी और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के ए. राजा के साथ कुछ अन्य विपक्षी सदस्यों ने जिलाधिकारी को और अधिकार देने और वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को रखने सहित कई प्रावधानों की आवश्यकता पर सवाल उठाए। कुछ सदस्यों ने कहा कि मंत्रालय बैठक में उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए ‘पर्याप्त' रूप से तैयार नहीं दिखा। समिति के एक सदस्य ने बताया कि इसकी अगली बैठक 30 अगस्त को होगी।