वायनाड (30 जुलाई 24)। केरल के पर्वतीय वायनाड जिले में मंगलवार तड़के कई जगहों पर भारी बारिश के बाद हुईं भूस्खलन की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है जबकि 98 लोग लापता हैं। सैकड़ों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया कि वायनाड में भूस्खलन में मरने वाले 34 व्यक्तियों के शवों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 18 शव मृतकों के परिवारों को सौंप दिए गए हैं। कई लोगों फंसे होने या बह जाने की आशंका; हम बचाव कार्य जारी रखेंगे।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने वायनाड कहा, 'वायनाड में अग्निशमन बल के 321 सदस्यों को तैनात किया गया है। सेना की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। 60 सदस्यों वाली एनडीआरएफ की टीम वायनाड पहुंच चुकी है और बेंगलुरु से 89 सदस्यों वाली टीम रास्ते में है। आपदा की जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री और राहुल गांधी के साथ-साथ विभिन्न पार्टी नेताओं ने सहायता की पेशकश की है। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि हम इस संकट से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे।
इस बीच सेना का एयरक्राफ्ट एक बचाव टीम को लेकर वायनाड पहुंच चुका है। त्रिवेंद्रम के रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने वायनाड में आपदा राहत दल तैनात किया है, जहां आज भूस्खलन हुआ। भूस्खलन में 106 लोगों की जान चली गई। केरल की मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि भारतीय नौसेना की एक टीम भी बचाव प्रयासों में सहायता करेगी। जॉर्ज ने कहा, मलप्पुरम में नीलांबुर क्षेत्र का एक पुल भी बह गया है। उन्होंने कहा, 'लगभग 70 लोग घायल भी हैं। हमने घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित किया है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से बात की और उन्हें संकट से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है. घायलों को 50,000 रुपये मिलेंगे।