भोपाल (05 नवंबर 26)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता हमारी सबसे बड़ी पहचान है। विभिन्न राज्यों की समृद्ध विरासत भारत को वैश्विक विशिष्टता प्रदान करती है। अनेक भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद हमारी राष्ट्रीय एकता अक्षुण्ण है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना की सराहना करते हुए इस भावना को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सभी की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया है।
राज्यपाल पटेल बुधवार को आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, पुदुचेरी एवं अंडमान-निकोबार के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को उनके राज्यों के स्थापना दिवस की बधाई दी। लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। भोपाल निवासी विभिन्न राज्यों के सामुदायिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे। समारोह में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का तथा अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा का विडियो शुभकामना संदेश का प्रसारण किया गया। अंडमान-निकोबार एवं मध्यप्रदेश की गौरवगाथा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
दक्षिण भारत के चार राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन लोकभवन में आयोजित स्थापना के संयुक्त समारोह का विशेष आकर्षण रहा। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। केरल की कथकली एवं मोहिनीअट्टम, कर्नाटक की पूजा कुनीता, आंध्र प्रदेश का कोलाट्टम एवं गरगा नृत्य तथा तमिलनाडु का सेम्बु लोकनृत्य आकर्षण के केंद्र रहे।