वाशिंगटन (05 नवंबर 26)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के पीछे ईरान युद्ध को मुख्य वजह बताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में रिपब्लिकन समर्थकों ने बड़ी संख्या में मतदान तो किया, लेकिन उनमें से कई मतदाताओं ने इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों को वोट दिया। वेंस के मुताबिक, 2024 में डोनाल्ड ट्रंप और उन्हें समर्थन देने वाले कई मतदाता ईरान युद्ध और सरकार की नीतियों से नाराज थे।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विस्तृत बयान में वेंस ने चुनावी आंकड़ों, मतदाताओं के रुझान और पार्टी की हार के कारणों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले पार्टी के डेटा विश्लेषक मतदाताओं के स्वरूप पर नजर रख रहे थे। उनका आकलन था कि मतदान का पैटर्न 2024 के चुनाव जैसा बना हुआ है और रिपब्लिकन समर्थक बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंच रहे हैं। वेंस ने बताया कि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के आंतरिक आंकड़ों से संकेत मिल रहे थे कि कई राज्यों में मतदान का स्तर अच्छा है। फ्लोरिडा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां रिपब्लिकन समर्थकों की संख्या डेमोक्रेट्स से 9 प्रतिशत अधिक थी। यह आंकड़ा 2024 के चुनाव के मुकाबले भी बहुत ज्यादा अलग नहीं था।
वेंस के अनुसार, पार्टी के एक वरिष्ठ डेटा विशेषज्ञ ने चुनाव से पहले ही उन्हें आगाह कर दिया था कि अच्छे मतदान का मतलब यह नहीं है कि रिपब्लिकन उम्मीदवारों को ही वोट मिलेंगे। विशेषज्ञ ने कहा था कि 2024 में ट्रंप-वेंस को वोट देने वाले कई मतदाता इस बार नाराज हैं और डेमोक्रेट्स का समर्थन कर सकते हैं। वेंस ने कहा कि चुनाव परिणामों ने इस आकलन को सही साबित कर दिया। उनके मुताबिक, पार्टी की असली समस्या कम मतदान नहीं, बल्कि पारंपरिक रिपब्लिकन मतदाताओं का डेमोक्रेट्स की ओर जाना था। वेंस ने बताया कि चुनाव से पहले एक प्रमुख पोलस्टर ने उन्हें चेतावनी दी थी कि रिपब्लिकन पार्टी जेनेरिक बैलेट में करीब 13 प्रतिशत अंकों से पिछड़ सकती है। सर्वे में उन मतदाताओं से भी बात की गई थी, जिन्होंने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था, लेकिन अब पार्टी से नाराज थे। वेंस के मुताबिक, इन मतदाताओं से पूछा गया कि किन मुद्दों पर बदलाव होने से वे दोबारा रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन कर सकते हैं।