कैलिफोर्निया (05 नवंबर 26)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बढ़ते निवेश और खर्चों को संतुलित करने के लिए दिग्गज टेक कंपनी Google ने कर्मचारियों की संख्या में बदलाव की योजना तेज कर दी है। कंपनी अपने कुछ कर्मचारियों को आकर्षक सेवरेंस पैकेज देकर स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दे रही है। इस कार्यक्रम का विस्तार अब पांच और देशों तक कर दिया गया है। इनमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Google ने जून में अपने Voluntary Exit Program का विस्तार किया था। इससे पहले 2025 की शुरुआत में कंपनी ने कुछ चुनिंदा टीमों के लिए इस तरह की योजना शुरू की थी। हालांकि, कंपनी ने अब तक यह जानकारी नहीं दी है कि कितने कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है। Google के एक प्रवक्ता ने कार्यक्रम के विस्तार की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी अलग-अलग टीमों की जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों को स्वेच्छा से बाहर निकलने का विकल्प दे रही है। यह स्वैच्छिक निकास योजना Google के सभी बिजनेस डिवीजनों पर लागू नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की AI रिसर्च यूनिट DeepMind और Google Cloud इस कार्यक्रम के दायरे में नहीं आते हैं। इन दोनों विभागों में कंपनी को अपने AI और क्लाउड कारोबार के विस्तार के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत है।
दरअसल, Google कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटाने और संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने पर काम कर रहा है। वहीं, AI और क्लाउड जैसी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इकाइयों में निवेश और नियुक्तियां जारी रखी जा रही हैं। Google की पैरेंट कंपनी Alphabet लगातार AI इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक पर अपना खर्च बढ़ा रही है। ऐसे में कंपनी के सामने एक ओर AI में निवेश बढ़ाने और दूसरी ओर परिचालन खर्च को नियंत्रित रखने की चुनौती है। Google की इस योजना का असर स्विट्जरलैंड में भी देखने को मिला है। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, वहां कंपनी के कर्मचारियों को जून में स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। इसे स्वीकार करने वाले कर्मचारियों ने अगस्त से कंपनी छोड़ना शुरू कर दिया। स्विट्जरलैंड में Google के करीब 5,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। ज्यूरिख में कंपनी का एक बड़ा इंजीनियरिंग सेंटर भी मौजूद है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस एग्जिट पैकेज के तहत कर्मचारियों को कंपनी में बिताए प्रत्येक साल के बदले एक महीने की सैलरी देने की पेशकश की गई थी। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 12 महीने की सैलरी तय की गई थी। बताया जा रहा है कि करीब 50 कर्मचारियों वाली एक टीम में कम से कम चार लोगों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है।
Microsoft भी कर्मचारियों को दे रहा Voluntary Buyout का विकल्प- AI पर बढ़ते खर्च के बीच Google अकेली ऐसी टेक कंपनी नहीं है, जो अपने वर्कफोर्स की जरूरतों का पुनर्मूल्यांकन कर रही है। Microsoft ने भी अपने कर्मचारियों के लिए Voluntary Buyout Program शुरू करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में कंपनी के करीब 60,000 कर्मचारी पात्र हो सकते हैं। यह ऑफर लेवल 70 या उससे नीचे के योग्य कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। इस तरह Microsoft के कुल 2.23 लाख कर्मचारियों में से लगभग 27 प्रतिशत कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं। प्रस्ताव स्वीकार करने वाले कर्मचारियों को दिसंबर के अंत तक कंपनी छोड़नी होगी।